मैंने अपना वजूद तलाशा है........

मैंने अपना वजूद तलाशा है ,
रेत पर लिखे उन नामों में,
जो एक लहर से मिट जाते हैं,
सागर की अतल गहराइयों में,
जहां सूरज भी परास्त हो जाता है,
आसमान के उन तारों में,
जो किसी की ख्वाहिश को पूरा करने टूट जाते हैं,
उस बूढे बरगद के पत्तों में,
जो हवा की ताकत से मुकाबला करते हैं,
मैंने अपना वजूद तलाशा है,
शाम की उस धूमिल रोशनी में,
जिसमे आसमां भी रंग बदल देता है,
उन रातों में,
जिनमे मैं जागता रहता हूँ,
उन चेहरों में ,
जो वक्त के साथ बदल जाते हैं,
उन ख्वाबों में,
जिन्हें मैं जीना चाहता हूँ,
शायद मुझे कभी मिल जाए,
जो मेरा वजूद बता जाए,
तब तक तलाशता रहूँगा उसे,
मेरा वजूद बता सके जो मुझे.....
मैंने अपना वजूद तलाशा है........




अंजित

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