Distance..

Wrote it sometime ago; guess I haven't posted it here earlier, hence sharing.


जब कोई अपना दूर चला जाता है,
तब ही क्यूँ वो दिल के करीब आता है,
जब हम बात करना चाहते हैं उनसे,
तब जाने क्यूँ एक डर सताता है,
डूबे रहते हैं बस उनकी ही यादों में,
पता नहीं कि वो भी याद करते हैं या नहीं,
ख्वाहिश होती है कि देख ले सामने उन्हें,
पर क्यूँ ये दूरियाँ आ जाती हैं हर बार,
रहना चाहते हैं ज़िंदगी भर साथ,
पर क्यूँ ये वक्त फिसल जाता है हर बार,
क्यूँ देखना पड़ता है हर बार मुझे ही,
बिखरते अपनी ज़िंदगी को....बस यूँ ही...



AnSh..

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